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मन की बात में बोले पीएम मोदी, इस बार 15 अगस्त को भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद भारत छोड़ो का संकल्प ले

Delhi /1, | Publish Date: Jul 30 2017 12:31PM IST Views:557

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 34वीं बार 'मन की बात' कार्यक्रम से देश की जनता को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा वर्षा जब विकराल रूप लेती है तब पता चलता है पानी के पास विनाश की ताकत है। सरकार इस पर ध्यान दे रही है सेना एनडीआरएफ के जवान सेवाभाव से कार्य कर रहे है। पर्यावरण में हो रहे बदलाव से प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड रहा है। सरकार ने इंश्योरेंस कंपनी को एक्टिव करने की योजना बनाई है ताकि किसानों को समय से क्लेम मिल सके। बाढ़ में किसानों का सबसे ज्यादा नुक्सान होता है। 

मन की बात के मुख्य बिंदु 
-पीएम मोदी ने कहा जीएसटी को लेकर लोगों  में उत्साह और जिज्ञासा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लागू हुए एक महीना हुआ है और इसके इसके फायदे दिखने लगे हैं। जिस तेजी से नए रजिस्ट्रेशन हुए उसने पूरे देश में नया विश्वास पैदा किया है। चीजें सस्ती हुई हैं। जीएसटी में ये सुनिश्चित किया गया कि गरीब की थाली पर कोई असर न हो। अब वन नेशन वन टैक्स का बड़ा सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा जीएसटी ऐतिहासिक उपलब्धि है, ये नई ईमानदारी की संस्कृति को बल प्रदान करने वाली व्यवस्था है। 

-पीएम मोदी ने कहा एक अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन हुआ, 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन हुआ और 15 अगस्त को देश आजाद हो गया। इस वर्ष भारत छोड़ो की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। भारत छोड़ो, यह नारा डॉ यूसुफ मेहर अली ने दिया था।  

-पीएम मोदी ने कहा महात्मा गांधी के आह्वान पर पूरा देश एक आंदोलन में शामिल हो गया। असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में महात्मा गांधी के दो अलग अलग व्यक्तित्व दिखाई देते हैं।  भारत छोड़ो में महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दे दिया था। भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 को शुरू हुआ था और 1947 तक किसी न किसी रूप में यह  आंदोलन चलता गया। पीढ़िया बदलती गईं लेकिन आंदोलन चलता रहा। 

-हम भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे है। इस बार 15 अगस्त को हम संकल्प दिवस के रूप में मनाएं जिसकी सिद्धि 2022 तक हो। हम लोग गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, संप्रदायवाद भारत छोड़ो का संकल्प लें। न्यू इंडिया के लिए आप संकल्प लें और नए आइडिया पर विचार करें। भारत का नागरिक के नाते अपना योगदान दें। इस मुहीम को जनआंदोलन में परिवर्तित करें।  

-पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से कोई व्यक्ति नहीं बोलता बल्कि सवा सौ करोड़ भारतीयों की आवाज गूंजती है। उन्होंने कहा कि मैं उसके लिए लोगों से सुझाव मांगता हूं। 15 अगस्त के भाषण के लिए माई गॉव पर या नरेंद्र मोदी ऐप पर विचार भेजिए, मैं स्वयं इसे पढ़ता हूं। -मेरा भाषण थोड़ा लंबा हो जाता है, इस बार इसे छोटा करने की कोशिश करूंगा। 

-पीएम ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सामाजिक विश्वास है। उत्सव सामाजिक सुधार का अवसर है। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी आदि कई उत्सव होंगे, यहां पर गरीब की मदद का संकल्प लें। इससे व्यक्ति और समाज में जुड़ाव आता है। 

-पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियां देश का नाम रोशन कर रही है। महिला क्रिकेट विश्वकप की टीम से मिलकर अच्छा लगा। वे वर्ल्ड कप हार का बोझ महसूस कर रही थीं। पहली बार ऐसा हुआ कि देशवासियों ने हार का बोझ अपने ऊपर लिया।  

 


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