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संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव से दूर रहकर अर्थराइटिस से बचा जा सकता है : डॉ. यतिन्दर खरबंदा

Lucknow /8, | Publish Date: Jun 24 2017 9:33PM IST Views:366

लखनऊ। अर्थराइटिस जोड़ों की एक तरह की बीमारी है जिसमें जोड़ की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है और इस कारण जोड़ों में दर्द होता है और वे सख्त हो जाते हैं। अर्थराइटिस महिलाओं को ज्यादा होता है। इसका उपचार मांसपेशियों को मजबूत, वजन नियंत्रित, गुनगुने पानी में व्यायाम - हाइड्रोथेरापी और फिजियोथेरापी के साथ गर्म सिंकाई करके किया जा सकता है। यह बाते ऑर्थोपेडिक्स एंड ज्वायंट रीप्लेसमेंट डॉ. यतिन्दर खरबंदा ने अपोलो हास्पिटल की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेस में कही। उन्होंने कहा संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव से बचना दर्द कम करता है और अर्थराइटिस होना रोकता है। उन्होंने कहा स्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक रूप से सक्रिय रहकर, शरीर का वजन कंट्रोल कर, तनाव से बचकर अर्थराइटिस को रोका जा सकता है।  

इंद्रप्रस्थ अपोलो हास्पिटल के गैसट्रोएनट्रोलॉजी डॉ. सुदीप खन्ना ने कहा, की आरामदायक जिंदगी वजन बढ़ाने के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है। आज लोग पहले के मुकाबले बहुत कम सक्रिय हैं। टेलीविजन, कंप्यूटर और वीडियो गेम्स लोगों का खाली समय खा जा रहे हैं। जीवन व्यस्त होता जा रहा है इसलिए स्वास्थ्यकर भोजन बनाने के लिए समय कम है। इसलिए रेस्त्रां में खाने वालों की संख्या बढ़ रही है। हम किसी तरह जो मिलता है लेकर जल्दी में पेट भर लेते हैं गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखते। इससे हम घर पर बने ताजे खाने की तुलना में काफी चर्बी और कैलोरी युक्त करते हैं। उन्होंने कहा मेरी सलाह है की घर का भोजन करना चाहिए। 


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