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'साइलेंट किलर' है हाई ब्लडप्रेशर, पढ़े क्या है कारण और दूर करने के उपाय

Lucknow /8, | Publish Date: Jul 29 2017 11:36PM IST Views:498

हाई बीपी की समस्या अब आम बीमारी हो चली है। इसे 'साइलेंट किलर' का नाम भी दिया जाता है।  आज के भाग-दौड़ भरी लाइफ स्टाइल में हर तीसरा व्यक्ति हाई बीपी या उच्च रक्तचाप की समस्या का शिकार है। कई बार तो लोग जान भी नहीं पाते कि वह कब हाई बीपी की बीमारी का शिकार हो गए है। घरेलू उपायों को अपनाते हुए डाक्टरी सलाह जरुर लेनी चाहिए। 

हाई बीपी या उच्च रक्तचाप क्या है 
उच्च रक्तचाप में आपके शरीर में रक्त का प्रवाह काफी तेज हो जाता है। इस स्थिति में ह्रदय को काफी तेज काम करना पड़ता है। एक स्वस्थ शरीर के लिए नार्मल ब्लडप्रेशर 120/80 मिमी. मरकरी होना चाहिए। सिस्टोलिक प्रेशर 120 से 150 तक तथा डायस्टोलिक प्रेशर 60 से 90 मिमी. मरकरी तक सामान्य माना जाता है। सिस्टोलिक प्रेशर 150 से ऊपर और डायस्टोलिक प्रेशर 90 मिमी. मरकरी से ऊपर "उच्च रक्तचाप या हाई बीपी" के नाम से जाना जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
-हाई ब्लड प्रेशर बीमारी में सिर के दोनों तरफ तेज दर्द, सिर में भारीपन, चक्कर आना, थकावट महसूस करना, मानसिक और शारीरिक काम करने में मन न लगना ।  
-नींद न आना, घबराहट, जी मिचलाना, गैस की समस्या, मानसिक तनाव, एकाग्रता की कमी, सीने में दर्द, हाथ-पैर में झुनझुनी, बेहोश होकर अचेत पड़े, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते है। 
-यह रोग आजीवन चलता रहता है। इलाज न कराने पर हार्ट अटैक, पक्षाघात, दिमागी नस फटना, ब्रेन हैमरेज ,गुर्दो की खराबी का कारण भी बन सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के कारण 
-आनुवंशिकता उच्च रक्तचाप का मुख्य कारण है। यदि आपके माता-पिता में उच्च रक्तचाप की समस्या है तो यह आपमें में भी उच्च रक्तचाप होने का कारण बन सकता है। यह व्यक्तियों के जींस का एक पीड़ी से दूसरी पीड़ी मे स्थानान्तर होने की वजह से होता है।
-हाई ब्लड प्रेशर आमतौर पर चिंता, शोक, क्रोध, भय के मनोविकारों, मानसिक तनाव व् गुर्दे की खराबी से होता है |
-शराब व धूम्रपान के अधिक सेवन, मोटापा, अधिक मानसिक परिश्रम करना और शारीरिक परिश्रम न करना उच्च रक्तचाप का रोग पैदा कर सकता है।
-ज्यादा नमक उपयोग करना , रक्त में चर्बी की मात्रा बढने से रक्त का गाढा होना
-शरीर में विटामिन बी और विटामिन सी , कैल्शियम, और मैग्नीशियम की कमी होना 
-कम नींद लेने से ,किडनी में खराबी या थायरायडकी समस्या से भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है

हाई ब्लड प्रेशर दूर करने के उपाय 
-हाई बीपी के मरीजों के लिए लहसुन के सेवन को बहुत फायदेमंद माना जाता है। सुबह उठकर सबसे पहले लहसुन का एक जवा चबाने से भी ब्लड प्रेशर हमेशा नियंत्रित रहता है। 
-जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास पानी में एक काली मिर्च पाउडर डालकर पीने से बीपी नियंत्रित हो जाता है। 
-मूली खाने से ब्‍लड प्रेशर समान्‍य हो जाता है। इसे पकाकर या कच्‍चा खाने से बॉडी में उच्‍च मात्रा में मिनरल पौटेशियम पहुंचता है। 
-भोजन मे नमक की मात्रा कम ले। पोटैशियम को उचित मात्रा मे लेने से उच्च रक्त चाप का स्तर अच्छा हो जाता है। 
-आहार मे फल जैसे केला, संतरा, नाशपाती, टमाटर, सूखे मटर, बादाम और आलू अवश्य शामिल करे क्योकि इनमे पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। 
-अधिक अल्कोहल, धूम्रपान का प्रयोग और नाशिली दवाओ का सेवन तुरंत बंद देना चाहिए। 
-तनाव से बचना चाहिए और खुश रहने की आदत डालनी चाहिए और  गहरी नींद लेनी चाहिए।
-30 साल की उम्र के बाद लोगो को साल में कम से कम एक बार अपने ब्लडप्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए। 
 

 


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