ख़बरें विस्‍तार से

स्वाइन फ्लू से दहशत, अब तक पांच की मौत, जाने लक्षण और बचाव के उपाय

Lucknow /8, | Publish Date: Aug 2 2017 9:47PM IST Views:441

स्वाइन फ्लू के सक्रिय होने से स्वास्थ्य महकमे में दहशत का माहौल है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू तेजी से पांव पसार रहा है। अब तक इस वर्ष स्वाइन फ्लू से पांच लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 80 मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में आये है। 24 नए मरीजो में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वाइरस का असर बारिश के मौसम में ज्यादा घातक होता है जब नमी की मात्रा बढ़ जाती है। मौसम में अत्यधिक बदलाव होने से इस वाइरस का सक्रमण शुरू होता है। स्वाइन फ्लू वाइरस की चपेट में आने वाली व्यक्ति को सर्दी जुखाम के साथ बहुत तीव्र बुखार आता है, इसलिए डाक्टरों से सलाह जरुर लेनी चाहिए। 

स्वाइन फ्लू के लक्षण 
-जुखाम के साथ नाक का लगातार बहना, छींक आना
-तेज बुखार, और लगातार खांसी आना 
-मांसपेशियां में दर्द या अकड़न होना 
-सिर में तेज दर्द होना 
-नींद न आना, ज्यादा थकान 
-दवा खाने पर भी बुखार का बढ़ना 
-गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना

बरते सावधानी 
-किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद मरीज से दूर रहे 
-मरीज को अलग कमरे में रखे 
-भीड़-भाड वाली जगहों पर न निकले 
-मास्क लगायें, किसी से हाथ न मिलाएं 
-सर्दी जुखाम य बुखार आने पर डाक्टरी सलाह ले 

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयास 

यूपी में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए सभी जनपदों में जिला स्तरीय त्वरित कार्रवाई दल का गठन किया गया है। टीम में एक जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, एक फिजिशियन, एक एपीडेमियोलॉजिस्ट तथा एक पैथोलाजिस्ट, लैब टेक्नीशियन को शामिल किया गया है। प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। राज्य सर्विलांस इकाई तथा जिला सर्विलांस इकाइयों द्वारा प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही एन्फ्लूएन्जा ए (एच1एन1) के किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये समुचित निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि राज्य मुख्यालय पर 24 घंटे टोल फ्री नम्बर 18001805145 स्थापित एवं क्रियाशील है। इसी प्रकार जनपदों के नियंत्रण कक्ष भी 24 घंटे काम कर रहे हैं। 

बचाव के तरीके 
-आईएमए के अध्यक्ष डा.पीके गुप्ता के मुताबिक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से शरीर में खून का प्रवाह प्रभावित होता है। खून गाढ़ा हो जाने के कारण ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे दिल और दिमाग को पर्याप्त खून नहीं पहुँचता है। परेशानी बढ़ने पर अंग अपना काम करना बंद कर देते है।  इसमें मरीज को पूरी तरह आराम करना चाहिए। गर्म पानी में नीबू मिलाकर कई बार पीना चाहिए। इससे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। 

-लोहिया हास्पिटल के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ.एसके पाण्डेय के मुताबिक गिलोय का काढ़ा सुबह शाम पीने से शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति पैदा होती है। लगातार इस काढ़े को पीने से स्वाइन फ्लू के अलावा अन्य रोगों से भी बचा जा सकता है। 

-विवेकानंद अस्पताल के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ विजय सेठ के मुताबिक दूध में हल्दी मिलाकर पीना चाहिए। इससे शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। 


अगली प्रमुख खबरे

Video's

Submit Your News (Be a Reporter)