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कुरान शरीफ पर बहुत सी टीकाएं लिखी गयी पर वे कुरान शरीफ नहीं है : इन्द्रेश

Lucknow /1, | Publish Date: Jun 16 2017 12:10PM IST Views:557

लखनऊ । लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मन्च द्वारा हजरत अली की शहादत दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया । संगोष्ठी में हिन्दु और मुसलमान दोनों विचारकों ने परस्पर सहयोग और सौहार्दय पर विचार व्यक्त किए । मुख्य अतिथि आरएसएस के केन्द्रीय सदस्य इन्द्रेश थे। इन्द्रेश ने कहा जैसे गीता पर अनेकों टीकाएं लिखी गयी पर वे गीता नहीं है उसी तरह कुरान शरीफ की भी बहुत सी टीकाएं लिखी गयी पर वे कुरान शरीफ नहीं है, इस पर विचार करना जरूरी है कि हमें मूल ग्रन्थ पर चलना है या टीकाओं पर । यदि लोग कुरान शरीफ, हदीस और सुन्नत को पढ़ेंगे तो कोई परेशानी नहीं आयेगी ।

कर्बला की बात करते हुए इन्द्रेश ने कहा कि कर्बला से उज्जैन के राजा चन्द्र गुप्त द्वितीय को सहायता के लिए पत्र लिखा था क्योकिं वह हिन्दुस्तान को खुदाई मुल्क मानते थे । सेना इराक के पास कर्बला तक पहुंची पर तब तक हजरत अली की मृत्यु हो चुकी थी । उन्होनें कहा कि हजरत अली को हिन्दुस्तान से ठंडी रुहानी हवाएं आती महसूस होती थी और जिस मुल्क को वह खुदाई मुल्क मानते थे वो देश आज दंगे फसाद और गुस्से से कैसा भर गया, ये बुद्धिमानों के लिए सोचने का विषय है । 

इन्द्रेश कहा कि हमें कट्टर न बन कर धर्म और दीन का मानने वाला बनना चाहिए । किसी के धर्म का अपमान करना अपने मालिक का अपमान करने जैसा होता है । खुदा ने कहा है कि यदि इमान है तो धरती जन्नत है और वो तेरा वतन कहलायेगा और यदि बेइमानी है तो दोजख मिलेगा । उन्होनें कहा कि सन् 1947 से पहले तो पाकिस्तान, बांग्लादेश हिन्दुस्तान ही थे। अंग्रेजों ने सरहदे जरूर बांट दी पर मूल जड़े कैसे बांट पायेंगे । 

अयोध्या पर बात करते हुए उन्होंने कहा कोई भी विद्वान शैतान को नहीं बल्की ऊपरवालें को मानता है । बाबर के सेनापति मीर बकी विदेशी आक्रंता था और मंगोलियन था इसीलिये उसने अयोध्या में ऐसी जगह मस्जिद बनाई जिसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है । अकबर को हजरत अली के आदेश का उल्लंघन करने वाला कहते हुए कहा कि आप लोग कैसे मुसलमान है जो अकबर द ग्रेट कहते है ? अकबर ने दीन के आदेश को न मानते हुए नया धर्म दीन ए इलाही चलाया इसलिये अकबर सच्चा मुसलमान था ही नहीं । 

इन्द्रेश ने कहा कि जो लोग बाबर, मीर बकी और अकबर के साथ खड़े है उन पर मुकदमा चलना चाहिए क्योंकि वे काफिर है । उन्होनें कहा कि हमें पूरे सच्च के साथ जिन्दा रहना है अधूरे सच के साथ नहीं । खुदा चाहता है कि मेरे राम रूपी नबी का मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए । उन्होनें कहा कि ये तय करने का समय आ गया है कि हमें ऊपरवालें के साथ रहना है या शैतान के साथ ।  उन्होनें कहा कि कुरान शरीफ में लिखा है कि मॉ के कदमों में जन्नत है, इसका मतलब जो मॉ की इज्जत नहीं करता वो खुदा की इज्जत नहीं करता है । 


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