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राकेश मेहरा बना रहे है "मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर" फिल्म, 800 टॉयलेट का कराया निर्माण

Mumbai /10, | Publish Date: Jun 14 2017 12:50PM IST Views:559

शौचालय की कमी के आधार पर फिल्म बना रहे राकेश ओमप्रकाश मेहरा इन दिनों जहां पर सूटिंग कर रहे है वहां की झोपड़ियों में शौचालय भी बना रहे हैं। राकेश ओमप्रकाश मेहरा अपनी अगली फिल्म "मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर" को घाटकोपर की एक झुग्गी बस्ती में फिल्मा रहे है। उनकी फिल्म एक मुंबई की झोपड़ी में रह रहे चार बच्चों के चारों ओर घूमती है। उनमें से एक बच्चा अपनी मां के लिए शौचालय बनाना चाहता है और इसलिये प्रधान मंत्री से अपील करता है।

राकेश महरा को शहर के नागरिक निकाय से एनओसी मिल गयी है, वह मुंबई में 20 शौचालयों का निर्माण करने जा रहे है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए पांच-पांच शौचालय शामिल हैं। उन्होंने खंडोबा क्षेत्र के दो नगरपालिका स्कूलों में शिक्षकों का भी इंतज़ाम किया गया है। साथ ही एक सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण कर रहे हैं। फिल्म निर्माता, जिन्हें रंग दे बसंती और भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, पिछले चार सालों से गैर-सरकारी संगठन युवा अनस्टॉपबल के साथ मिलकर काम कर रहे है। जानकारी के अनुसार राकेश मेहरा पिछले चार सालों में ८०० टॉयलेट का निर्माण करा चुके है। 

राकेश ने बताया मेरा योगदान "सागर में एक बूंद के बराबर भी नहीं है"। हम सिर्फ शौचालय का निर्माण कर वहाँ से चले नही जाते, बल्कि हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि स्थानीय लोग सही तरीके से उसकी देख-रेख भी करे। उन्होंने बताया कि हम क्षेत्र के झुग्गी-झोपड़ियों और नगरसेवकों के साथ बैठक कर रहे हैं, जिसमे हम उनसे एक रुपया दान देने के लिए कह रहे है ताकि समुदाय के कर्मचारियों को उनके बकाया दे सकें। 

साबरमती आश्रम में गांधी के आदर्श शौचालयों से प्रेरित हो कर राकेश महरा अब तक 800 शौचालयों पर निर्माण करा चुके है। मेहरा ने कहा कि,नए शौचालय निजी इमारतों जितने अच्छे है उचित पाइपलाइन और एक्सटेंशन नल के साथ बने है। उनसे स्वच्छ पेयजल भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि झुग्गी निवासियों के पास टीवी सेट और मोबाइल फोन हैं लेकिन कोई शौचालय नहीं है और ऐसे में मानसून के दौरान रेलवे ट्रैक पर शौच करने पर मजबूर होना पड़ता है। 

 


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